दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, रायगढ़ के छात्र राघव अग्रवाल का राष्ट्रीय इंस्पायर अवार्ड विज्ञान प्रदर्शनी में हुआ चयन/बढ़ाया स्कूल एवं रायगढ़ का मान

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राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ राज्य का करेंगे प्रतिनिधित्व
रायगढ़ | बड़े रामपुर स्थित दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी अपनी नित नई उपलब्धियों को लेकर चर्चा का विषय बने हुए हैं, इसी क्रम में कक्षा छः के राघव अग्रवाल ने एक बार फिर अपने विद्यालय का नाम सम्पूर्ण प्रदेश में आगे करते हुए दिनांक 06 एवं 07 फ़रवरी को बिलासपुर में संपन्न इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता 2019-20 के प्रदेश स्तर में अपना स्थान सुनिश्चित किया एवं राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त किया |
विदित हो कि गत 6 एवं 7 फ़रवरी को बिलासपुर के बर्जेस इंग्लिश मीडियम विद्यालय बिलासपुर में संपन्न प्रतियोगिता में सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ से चयनित लगभग 300 विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी में शामिल हुए जिसमें से केवल 28 मॉडल ही राष्ट्रिय स्तर पर प्रस्तुत करने हेतु चयनित हो पाए जिसमें से दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल के कक्षा 6 के छात्र राघव अग्रवाल द्वारा बनाया गया स्मार्ट कूलर मॉडल अपना स्थान बनाने में सफल रहा |
विद्यालय में विज्ञान के शिक्षक प्रीतम कुमार पंडा के कुशल मार्गदर्शन में जिला स्तर पर चयनित दो मॉडल स्मार्ट कूलर तथा महुआ पुष्प एकत्रण मशीन इस प्रतियोगिता में शामिल हुए जहाँ वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने महुआ पुष्प एकत्रण मशीन को सम्पूर्ण आदिवासी अंचल के लिए एक कारगर यंत्र बताया जो बड़ी ही सरलता के साथ महुआ पुष्प को एकत्रित करता है, यह मशीन सही मायने में आदिवासी महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है जो उन्हें सरलता से महुआ एकत्रित करने में सहायक होगी किन्तु निश्चित संख्या में मॉडल चुनाव की मज़बूरी के कारन यह मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह नहीं बना पाया किन्तु वैज्ञानिकों द्वारा गौरव वर्मा के इस अभिनव दृष्टिकोण के लिए उसकी प्रशंसा की तथा भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी |
वहीं कक्षा छः के राघव अग्रवाल द्वारा बनाया गया स्मार्ट कूलर पूरी प्रतियोगिता में आकर्षण का केंद्र बना रहा, इस कूलर की ख़ास बात यह थी कि इसमें बाह्य विद्युत सप्लाई की आवश्यकता नहीं है जिससे यह स्वयं की बैट्री से ही संचालित होता है एवं स्वयं ही बैट्री चार्ज भी कर लेता है, पूर्णरूप से एंड्राइड मोबाइल से संचालित इस कूलर में पर्यावरण संरक्षण का सन्देश देते हुए तरोई की खस का उपयोग शीतलक के रूप में किया गया है| अब यह मॉडल सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के लिए आशा आकाँक्षाओं का केंद्र बना हुआ है एवं राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की गरिमा को बढ़ाएगा |स्कूल प्राचार्या केप्टन श्वेता सिंह नें विज्ञानं के शिक्षक प्रीतम कुमार पंडा एवं दोनों विद्यार्थियों गौरव वर्मा एवं राघव अग्रवाल को उनके कठिन प्रयास एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के लिए शुभकामनाएँ देते हुए बताया कि बच्चों में विज्ञान के प्रति रूचि बढाने के लिये पारम्परिक शिक्षा पद्धति के स्थान पर प्रायोगिक एवं व्यावहारिक शिक्षा पर बल देने की आवश्यकता है चाहे वह रोबोटिक्स लैब के माध्यम से विविध रोबोट बनाना हो या पुरानी चीजों का उपयोग कर टेबल लैंप बनाना| यह सभी गतिविधियाँ बच्चों में नई नई चीजों को सीखने की ललक बढाती हैं। साथ ही साथ विज्ञान को सैधांतिक नहीं अपितु प्रयोग का विषय बना देती हैं | इन्ही छोटे छोटे उपक्रम का परिणाम है कि पहले ही वर्ष हमारे छात्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाले स्तर के माडल बनाने में समर्थ हुए जो अब अपने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगा|

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