जशपुर पेपर लीक काँड : कब संज्ञान लेगी काँग्रेस सरकार

0
410
,

जशपुर पेपर लीक काँड का दैत्य एक बार फिर सर उठाने को तत्पर जान पड़ रहा है। राजनीतिक हल्के में लगातार कयास लगाए जा रहे हैं कि इस मामले में कभी भी डॉ. रक्षित पर कार्यवाही की गाज गिर सकती है।
दरअसल साल भर से भी पहले जब प्रदेश में भाजपा सरकार थी तब जशपुर कन्या महा विद्यालय के तत्कालीन प्रिंसिपल डॉ रक्षित का अपने जूनियर प्रोफेसर डॉ अनुज दीक्षित के साथ एक व्हाट्सएप्प वार्तालाप सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने डॉ अनुज से एम ए फाइनल अर्थशास्त्र के पेपर को समय से पहले खोलने का निर्देश दिया था जिससे उनके किसी कथित आदमी को उसका लाभ मिल सके।


इसके बाद डॉ अनुज ने सरगुजा विश्वविद्यालय को पत्र लिख कर स्वयं को परीक्षा प्रणाली से मुक्त रखने का आग्रह किया था जिसमे कारण के तौर पर अनैतिक दबाव बनाया जाना स्पष्ट किया गया था।
चूँकि डॉ रक्षित की भाजपा नेताओं के साथ नजदीकियां शिक्षण कार्यों के लिए कम और राजनीतिक उठापटक के लिए ज्यादा जानी जाती है। उनका दबदबा इस तरह कायम है कि बगैर उनके मर्जी के जशपुर जिले के महाविद्यालयों में तिनका भी नहीं हिलता।
तत्कालीन विपक्षी काँग्रेस ने इस मुद्दे को हाथोहाथ लेते हुए डॉ रक्षित पर कार्यवाही की माँग को लेकर बहुत हो हल्ला भी मचाया जिन्तु डॉ रक्षित ने अपने रसूख के दम पर मामले को ठंडे बस्ते में पहुंचवा दिया।
अब आज जबकि प्रदेश में काँग्रेस की सरकार है और फुल एक्शन मोड में काम कर रही है तब जशपुर अँचल के राजनीतिक गलियाते में पिछले कुछ दिनों से लगातार हवा गर्म है कि प्रदेश सरकार इस पेपर लीक काँड के जिन्न को बोतल से जल्दी ही बाहर निकालने वाली है।
चूँकि वर्तमान प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रायगढ़ जिले के लोकप्रिय तथा उच्च शिक्षित युवा विधायक उमेश पटेल हैं जो शिक्षा के स्तर को उठाने एवं प्रतिभाशाली छात्रों के हितार्थ लगातार कार्य कर रहे हैं अतः इनके संज्ञान में इस मामले के होने से यह प्रतीक्षा है कि कितनी जल्द इस प्रकरण की फ़ाइल खुलती है और रसूखदार दोषी प्राचार्य पर उचित कार्यवाही कब होगी?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here